शिमला। मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने आज यहां मानसिक रोग से स्वस्थ होने के बाद भी अस्पताल में रहने के लिए मजबूर लोगों के पुनर्वास केंद्रों को स्थापित करने वाली योजना बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित की गई थी।
डाॅ. बाल्दी ने कहा कि प्रदेश सरकार गैर सरकारी संस्थानों को इस रोग से छुटकारा दिलाने हेतु पुनर्वास केंद्रों की स्थापना के लिए धनराशि उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ‘हाॅफवे होमस’ स्थापित करने तथा स्वस्थ होने के बाद पुनः इस बीमारी की चपेट में न आए, इसके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी। सरकार सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग द्वारा प्रदेश में प्रस्तावित दो पुनर्वास केंद्रों की स्थापना करेगी।
उन्होंने कहा कि इस बीमारी से छुटकारा पाने के बाद जो लोग समाज की संकीर्ण सोच के कारण विभिन्न मानसिक अस्पतालों और संस्थानों में रहने के लिए मजबूर होते हैं, ऐसे लोगों के लिए यह प्रस्तावित ‘हाॅफवे होमस’, उन्हें स्वस्थ वातावरण उपलब्ध करवायेंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) आर.डी.धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग निशा सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद थे।
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Sunday, June 28